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    ’15 की उम्र 50 हजार लेकर सौतले पिता ने 35 साल के युवक से करवा दी शादी, मुझे पढ़ना है, रद्द कर दो इसे’

    Sep 14, 2020

    Bhopal. 2 साल पहले एक 15 साल की एक नाबालिग को शादी के लिए 50 हजार रुपये में बेच दिया गया था। 17 साल की उम्र में उसने चाइल्ड हेल्प लाइन में शादी रद्द करवाने की गुहार लगाई है। ताकि लड़की आगे की पढ़ाई कर सके। पीड़िता ने कहा कि जिस आदमी के साथ हमारी जबरन शादी हुई है, उसकी उम्र मुझसे 20 साल अधिक है। वह ड्रग्स लेता है। साथ ही वह मेरे साथ बुरा व्यवहार करता है और परिवार के लोगों को मारने की धमकी देता है।

    साथ ही वापस आने के लिए दबाव बना रहा है। पीड़िता अब अपनी मां और छोटे भाई के साथ रहती है। इसके साथ ही वह परिवार की मदद के लिए एक शोरूम में काम करती है और अपनी पढ़ाई के लिए पैसे जमा करती है। इसकी मदद के लिए जिला बाल विवाह निरोधक कार्यालय और बाल कल्याण समिति को भेज दिया गया है।

    17 साल की है पीड़िता

    10वीं की मार्कशीट के अनुसार पीड़िता अभी 17 साल की हो चुकी है। भोपाल चाइल्ड लाइन की डायरेक्टर अर्चना सहाय ने कहा कि वह शुक्रवार को हमारे पास आई थी और बताया कि 2 साल पहले जबरन हुए बाल विवाह से मैं मुक्त होना चाहती हूं। पीड़िता ने कहा कि पिता के निधन के बाद मां ने दूसरी शादी की थी लेकिन सौतेले पिता ने बच्चों के साथ व्यवहार अच्छा नहीं किया।

    35 साल की व्यक्ति को सौंप दिया

    पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा है कि 15 साल की उम्र में 35 साल के युवक के साथ मेरी शादी करा दी गई है। कम उम्र होने की वजह से उस वक्त मैं विरोध नहीं कर पाई और मैं काफी दबाव में थी। कुछ दिनों बाद लड़की ने अपनी ससुराल छोड़ दी और मां के पास चली गई।

    ट्रक चालक से 50 हजार लिए

    पीड़ित लड़की ने बताया कि मेरे सौतले पिता ने 35 साल के ट्रक ड्राइवर से 50 हजार रुपये लेकर शादी करवा दी। वह दावा करता है कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। साथ ही कहता है कि वह किसी को भी रिश्वत देकर पुलिस के पचड़ों से बाहर निकल सकता है। लड़की ने कहा कि वापस से जब मैंने उसके साथ वापस जाने से मना कर दिया, तो उसने मुझे और परिवार को जान से मारने की धमकी दी। मेरी मां और भाई को भी मारने की धमकी मिल रही है। वापस नहीं जाने पर वह मुझे अपहरण की धमकी देता है।

    अब अलग रहती है लड़की

    लड़की ने बताया कि दवाब में मैं उसके साथ पहले 3 दिन और फिर 4 दिन रही हूं। आखिरी बार दिवाली पर परिवार के सदस्यों ने झूठ बोल कर उसके साथ जाने पर मुझे मजबूर किया। मैं वहां 8 दिनों तक रही, इस दौरान मेरे साथ घरेलु हिंसा हुई। पूरा परिवार मेरे साथ गलत व्यवहार करता था। मेरा फोन छिन लिया गया और मुझे अपनी मां से बात नहीं करने दी। यह सब कुछ तब हुआ, जब मैंने इस मामले में मदद लेने का फैसला किया।

    परीक्षा में शामिल होने नहीं दिया गया

    पीड़िता ने कहा कि 2018 में बोर्ड की परीक्षाणों में मुझे शामिल नहीं होने दिया गया, क्योंकि जबरन मेरी उस साल शादी की गई। मैंने इस साल 10वीं की परीक्षा दी है और अच्छे अंकों के साथ पास हुई हैं। मैं आगे की पढ़ाई पूरी कर एक अच्छी नौकरी चाहती हूं। ताकि मैं परिवार की मदद कर सकूं।