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    रुपेश हत्याकांड: प्रोफेशनल शूटर से शुरू हुई जांच एक बाइक चोर पर खत्म

    Feb 3, 2021

    पटना. घटना के लगभग 23 दिनों के बाद पटना पुलिस ने इंडिगो के स्टेशन मैनेजर रुपेश हत्याकांड का खुलासा कर दिया. घटना के बाद से प्रोफेशनल शूटर से शुरू हुई पुलिस की जांच एक बाइक चोर की कहानी पर आकर ख़त्म हो गई. पटना पुलिस की जांच में सामने आया कि इस घटना को पटना के एक बाइक चोर ने रोड रेज की घटना का बदला लेने के लिए अंजाम दिया था . उसने चार बार रुपेश की हत्या की कोशिश की और पांचवी बार सफल रहा. मुख्य आरोपी गिरफ्तार हो गया है जबकि घटना में शामिल तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार है. घटना में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया गया है.

    चार हजार मोबाइल नम्बरों का सीडीआर, 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के 600 जीबी डाटा के फुटेज, 200 से ज्यादा लोगों से पूछताछ और करीब 233 दिनों की जांच के बाद बुधवार को रुपेश हत्याकांड में पटना पुलिस ने अपनी चुप्पी तोड़ी. पटना के एसएसपी उपेंद्र शर्मा ने खुलासा किया कि रुपेश की हत्या किसने और क्यों की थी. एसएसपी उपेन्द्र शर्मा ने पुलिसिया जांच की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस के लिए रुपेश की हत्या एक ब्लाइंड केस थी. जब जांच शुरू हुई तो तो कुछ सुराग नहीं मिले थे लेकिन इतने दिनों की मेहनत के बाद आज रुपेश का हत्यारा सबके सामने है. उसका नाम है ऋतुराज जो पटना के राम कृष्णनगर थाना क्षेत्र के आदर्श कॉलोनी का रहने वाला 29 साल का नौजवान है. मां बाप की करोड़ो की प्रॉपर्टी है. अपना मकान है, घरबार है लेकिन उसे शौक था महंगी बाइक्स और महंगे ब्रांडेड कपड़ों का.

    बकौल एसएसपी ऋतुराज ने पूछताछ में बताया कि 22 नवम्बर को पटना के एयरपोर्ट रोड पर उसकी बाइक और रुपेश के बाइक में एक्सीडेंट हुआ था. एक यूटर्न पर रुपेश की गाडी के बीच में उसकी बाइक आ गई थी. तब दोनों में कहासुनी हुई थी .रुपेश ने बाइक सवार युवक को थप्पड़ भी मारा था . वह उसे पुलिस को सौंपना चाहता था लेकिन तब बाइक सवार युवक ऋतुराज ने माफ़ी मांग कर बात ख़त्म कर दी थी. उस दिन रविवार था और रुपेश अपने युनिफोर्म में नहीं थे. इस घटना के चार पांच दिन बाद ऋतुराज अपने दोस्तों के साथ बेली रोड हनुमान मंदिर के पास था, तभी उसे रुपेश और उसकी गाड़ी दिखी. ऋतुराज ने रुपेश की गाड़ी का पीछा किया और उसका घर देख लिया. उसको लगता था की रुपेश एक बड़े बाप का बेटा है.

    एसएसपी के अनुसार, ऋतुराज ने अपने दोस्तों के साथ रुपेश की हत्या करने की प्लानिंग की थी और उसके बाद चार बार रुपेश का पीछा किय, लेकिन हर बार रुपेश बच गया . सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, घटना के दिन भी दोपहर तीन बजे सभी ने पहले हनुमान मंदिर के पास चाय पी और उसके बाद रुपेश के घर के पास चले गए थे. तीन घंटों तक इन्तजार किया और जब रुपेश अपने अपार्टमेंट पहुंचा तो उसे गोली मार दी . गोली ऋतुराज ने ही चलाई थी, ऐसा पुलिस का कहना है. पुलिस के अनुसार अपनी बेइज्जती का बदला लेने के लिए ही रुपेश को ऋतुराज ने मारा था.

    कैसे मिला सुराग

    यह केस पुलिस के लिए एक ब्लाइंड केस था. घटनास्थल पर यानि रुपेश के अपार्टमेंट में सीसीटीवी ख़राब था. उसके बगल के अपार्टमेंट में भी सीसीटीवी ख़राब था. सिर्फ गली के कोना पर एक सीसीटीवी था, जिसमे दो बाइक पल्सर और अपाचे पर सवार चार युवक दिखे थे. घटना के दिन इनका मूवमेंट देखा गया था और घटना के तुरंत बाद इनके वहा से निकलने की तस्वीर भी कैमरे में कैद हुई थी. इसके बाद करीब बीस कैमरों के फुटेज से इन बाइकर्स का मूवमेंट देखा गया था, जिससे पता चला था कि ये सभी पटना के न्यू बायपास इलाके में स्थित एक कॉलोनी से आये थे.

    पहले तो इस केस में टेंडर, फिर पार्किंग विवाद सहित कई बिन्दुओं पर जांच की गई थी. लेकिन दस दिनों के की जांच के बाद कुछ मोबाइल नंबर मिले, जिसमे से कुछ संदिग्ध नम्बरों को मिलान किया गया. इसमें एक नंबर ऐसा भी था जो घटना के बाद रांची में मिला. वह नंबर अक्सर बंद रहता था. कभी कभी खुलता था. पुलिस ने इस नंबर का कैफ ( सिम लेने के लिए दिए जाने वाले दस्तावेज ) की जांच की, उसमे लगी तस्वीर और सीसीटीवी फुटेज का मिलान किया गया, जिसके बाद पुलिस का शक ऋतुराज पर बढ़ गया. इस बीच पुलिस को जानकारी मिली ऋतुराज के कैरेक्टर को लेकर. ऋतुराज अय्याश और गुसैल प्रवृत्ति का युवक था. उसका आदर्श नगर में अपना मकान था लेकिन फिर भी उसने एक किराये का मकान ले रखा था. उसकी कारगुजारियो से परिवार वाले भी त्रस्त थे. ऋतुराज ने रुपेश हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है. मीडिया के सामने भी उसने स्वीकार किया कि बदला लेने के लिए उसने रुपेश की हत्या की है.

    बार-बार बदलती रही पुलिस की थ्योरी

    रुपेश कांड में पुलिस का बयान बार बार बदलते रहा. घटना के बाद से ही पुलिस का दावा रहा कि इस घटना को पेशेवर शूटर्स ने अंजाम दिया है. एसएसपी से लेकर आईजी और डीजीपी तक ने यही कहा की घटना में प्रोफेशनल शूटर शामिल हैं. मामले की जांच का बिंदु कभी रुपेश के भाई का टेंडर विवाद रहा तो कभी एयरपोर्ट पार्किंग का विवाद. इसके अलावा सोना स्मगलिंग और रुपेश के पर्सनल लाइफ से जुड़े मामलो को लेकर भी जांच की गई लेकिन कही से कुछ नहीं मिला.

    परिवारवालों को पुलिस थ्योरी पर नहीं हो रहा भरोसा

    एक तरफ पटना पुलिस इस मामले का खुलासा करने का दावा कर रही है तो दूसरी तरफ रुपेश के परिजन अभी भी पुलिस थ्योरी पर भरोसा नहीं कर रहे हैं. रुपेश के बड़े भाई नंदेश्वर सिंह का कहना है कि सिर्फ रोड रेज की वजह से इतनी बड़ी घटना नहीं हो सकती है. अभी भी जांच बाकी है और जब तक सभी हत्यारे नहीं पकड़े जाते, तब तक कुछ कहा नहीं जा सकता है.