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    मध्य प्रदेश बॉर्डर पर बिहार-यूपी के मजदूरों का बवाल, पुलिस पर पथराव, ASP-SDM समेत 5 घायल

    May 4, 2020

    प्रवासी मजदूरों को वापस अपने राज्य लाने के लिए तमाम राज्य सरकारें कोशिश कर रही हैं। उसके बावजूद बिहार-यूपी के हजारों मजदूर एमपी और महाराष्ट्र से लगी सीमा पर आकर फंसे हुए हैं। ये सभी मजदूर बिहार-यूपी के रहने वाले हैं। बॉर्डर पर इन्हें रोककर रखा गया है। रविवार को इन मजदूरों का गुस्सा भड़क गया। उसके बाद पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।

    दरअसल, मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले स्थित बिजासनघाट एमपी और महाराष्ट्र की सीमा है। यूपी-बिहार के मजदूर घर जाने के लिए महाराष्ट्र से पैदल ही चल दिए हैं। मध्यप्रदेश की सीमा में प्रवेश से रोके जाने पर हाईवे पत्थर रखकर चक्काजाम कर दिया। समझाइश देने पहुंचे अधिकारियों पर पथराव भी किया। इसमें 4 पुलिसकर्मी और 1 मजदूर घायल है। मजदूरों के पथराव में कई वाहन भी टूटे हैं। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के बड़े अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

    आगरा-मुंबई हाइवे को कर दिया था बंद

    घर वापसी को लेकर बिजासनघाट पर फंसे मजदूरों ने आगरा-मुंबई हाइवे को जाम कर दिया था। साथ ही वह मांग कर रहे थे कि हमें गृह राज्य पहुंचाया जाए। मजदूरों की वजह वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। समझाइश के लिए मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों पर मजदूरों ने पथराव शुरू कर दिया।

    बड़वानी कलेक्टर अमित तोमर ने कहा कि हम उन लोगों से बात कर रहे हैं। सड़क से जाम लोगों ने हटा लिया है। कुछ जवान हल्की चोटें आई हैं। अभी स्थिति कंट्रोल में है। यूपी बॉर्डर पर आवाजाही बंद है। यूपी सरकार से प्रदेश की सरकार बात कर रही हैं। निर्देश मिलने के बाद हम आगे की कार्रवाई करेंगे। पथराव में एडिशनल एसपी और एसडीएम को भी चोट लगी है।

    7 हजार मजदूर हैं यहां

    बॉर्डर पर करीब 7 हजार मजदूर फंसे हुए हैं। कई लोग पैदल जाने के चक्कर में जंगलों में अपनी जान भी गंवा चुके हैं। ये लोग पिछले 2 दिन से बड़वानी प्रशासन से बॉर्डर खोलने की मांग कर रहे हैं। मजदूरों के पथराव में एएसपी सुनीता रावत और एसडीएम घनश्याम को चोट आई है।

    शाम को निमाड़ जोन के डीआईजी तिलक सिंह वहां पहुंच और हालात का जायजा लिया। साथ ही बॉर्डर पर अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की गई है और प्रवासी मजदूरों के लिए खाने की व्यवस्था की गई है।