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    365 दिन भी पूरे नहीं हुए… 100 लोगों की चली गई जान, नीतीश जी… शराबबंदी के ऐसे सिस्टम का क्या फायदा

    Nov 6, 2021

    क्या बिहार में शराबबंदी में लगा पूरा तंत्र फेल हो चुका है? क्या बिहार में शराब माफिया के आगे सिस्टम सरेंडर कर चुका है? वाला फेल हो चुकी है? क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के वादों की उन्हीं के सिस्टम ने धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं? ये सवाल यूं ही नहीं उठे हैं, 5 महीने में बेतिया दो (कांड), मुजफ्फरपुर, गोपालगंज के बाद अब समस्तीपुर में 4 लोगों की मौत के बाद ये साफ दिख रहा है कि शराबबंदी को रोकने में पुलिस बुरी तरह से न सिर्फ फेल हुई है बल्कि अब तो स्थानीय थानों की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    समस्तीपुर में BSF और आर्मी जवान समेत 4 लोगों की मौत
    दीवाली के अगले ही दिन शुक्रवार को समस्तीपुर जिले के पटोरी प्रखंड के रुपौली पंचायत से ये मामला सामने आया है। इसमें आधा दर्जन लोग बीमार भी हुए हैं जिन्हें इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में ले जाया गया है। मृतकों में एक बीएसएफ का और एक सेना का जवान भी शामिल है जो छुट्टी में घर आए हुए थे। हालांकि परिजन शराब पीने की बात से इंकार कर रहे हैं वहीं पोस्टमार्टम कर्मी शराब पीने की पुष्टि कर रहे हैं।

    सभी ने पी थी देसी शराब- सूत्र
    सूत्रों के अनुसार इन लोगों ने शुक्रवार की देर शाम एक ही स्थान से खरीद कर शराब पी थी। मरने वालों में चकसीमा निवासी सुरेंद्र राय का पुत्र आर्मी का जवान मोहन कुमार (27), दीगल चकसीमा का बीएसएफ एसआई विनय कुमार सिंह (53), संग्रामपुर निवासी विश्वनाथ चौधरी के पुत्र श्याम नंदन चौधरी (50) और रुपौली निवासी महेश्वर राय के पुत्र वीरचंद्र राय (35) के नाम शामिल हैं।

    बेतिया में 5 महीने में दूसरा जहरीली शराब कांड
    जुलाई 2021 में बेतिया में जहरीली शराब का साल का पहला कहर बरपा था।तब लौरिया थाना क्षेत्र के देवरवा देवराज गांव में 16 लोगों की जहरीली शराब ने जान ले ली थी। उसी वक्त पैक्स प्रमुख और तेलपुर के पूर्व मुखिया मोहम्मद जावेद ने मरने वाले 16 लोगों की लिस्ट होने का दावा किया था। उन्होंने मृतकों के नाम तक साझा किए थे।

    4 नवंबर 2021- बेतिया में इस कांड के ठीक 5 महीने बाद फिर से जहरीली शराब से कई घरों में मातम पसर गया। गांव के लोगों के मुताबिक 3 नवंबर की शाम नौतन थाना के तेलहुआ पंचायत के वार्ड नंबर 2,3,4 के 8 लोगों ने गांव के ही एक टोले में लोगों ने शराब पी। इसके बाद रात से ही सभी की तबीयत बिगड़ने लगी और उनकी मौत हो गई। इनमें से कुछ की घर में तो कुछ की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई। अब तक यहां कुल 13 लोगों की मौत हो चुकी है।

    मुजफ्फरपुर में जहरीली शराब का तांडव
    28 अक्टूबर 2021 को ही मुजफ्फरपुर में जहरीली शराब ने तांडव किया। पूरा मामला तब सामने आया जब 8 लोगों की मौत हो गई। ये घटना मुजफ्फरपुर के सरैया थाना इलाके के रूपौली और विशहर पट्टी गांव में हुई थी।

    गोपालगंज में जहरीली शराब से 13 लोगों की मौत
    इससे एक दिन पहले 2 नवंबर को गोपालगंज में जहरीली शराब ने 13 लोगों की जान ले ली। हालांकि मौत के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है। ये दिल दहलाने वाला कांड चारों मोहम्मदपुर के कुशहर गांव में हुआ। इनमें से भी कुछ की मौत घर में तो कुछ की अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई।

    चार साल पहले भी गोपालगंज में हुआ था बड़ा कांड
    चार साल पहले गोपालगंज के ही नगर थाना के खजुरबानी में जहरीली शराब कांड में कुल 19 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 06 लोग अंधे हो गए थे। इस शराब कांड के बाद नगर थाना पुलिस ने खजुरबानी गांव के मुख्य अभियुक्त नगीना पासी , रुपेश शुक्ला सहित कुल 14 लोगों को अभियुक्त बनाया था। इस मामले में नामजद एक आरोपी की ट्रायल के दौरान ही मौत हो गई थी। 2021 में सिर्फ 13 नामजद अभियुक्त जिन्दा बचे और गोपालगंज एडीजे दो की कोर्ट ने सभी 13 आरोपियों को खजुरबानी कांड में दोषी करार दिया।

    इस साल अब तक 82 लोगों की मौत
    बिहार में पूर्ण शराबबंदी अप्रैल 2016 में लागू कर दी गई थी। शराबबंदी के बावजूद इस साल अब तक 16 अलग-अलग घटनाओं में जहरीली शराब से करीब 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। समस्तीपुर के मामले को देखें तो इस साल में ये जहरीली शराब से जुड़ा छठा बड़ा कांड है। अगर अब भी नीतीश सरकार ने अपने सिस्टम में घुसे घुन का इलाज नहीं किया तो कहीं आगे की तस्वीर इससे भी ज्यादा भयावह न हो जाए?