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    इंसान नहीं, इंसानियत मर गई! ऐसी तस्वीर के लिए कौन दोषी है…. सरकार या समाज?

    Apr 29, 2021

    कोरोना के डर से इंसानियत भी इस समय इंसानों की मानो परीक्षा ले रही है। नया मामला जौनपुर जिले में सामने आया जहां पर गांव वालों ने अंतिम संस्कार तक नहीं करने दिया। इसके बाद रोता बिलखता बुजुर्ग पत्नी के शव को साइकिल पर लेकर घूमता रहा। मामले की जानकारी पुलिस को हुई तो आनन फानन पुलिस ने मदद की और महिला का अंतिम संस्‍कार हो सका। हालांकि, तबतक पत्नी के अंतिम संस्कार के लिए बुजुर्ग पति को साइकिल से शव गोमती नदी के किनारे स्थानीय श्मशान घाट ले जाना पड़ा।

    पूरा मामला मड़ियाहूं कोतवाली के अम्बरपुर गांव का है। जहां पर गांव निवासी तिलकधारी सिंह की पत्नी राजकुमारी देवी (55 वर्ष) की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई थी। मौत होने की जानकारी होने पर गांव में कोई शव को कंधा देने वाला नहीं मिला और कोरोना संक्रमण के भय की वजह से बुजुर्ग तिलकधारी गांव वालों की बेरुखी और दुत्‍कार से आजिज आकर शव को किसी तरह साइकिल पर रखकर अंतिम संस्‍कार के लिए निकला और देखते ही देखते यह मामला इंटरनेट मीडिया में वायरल हो गया। हालांकि, इस मामले की जानकारी होने के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए शव का अपने प्रयास से अंतिम संस्‍कार कराया।

    पीड़‍ित के अनुसार उसकी पत्‍नी राजकुमारी को कुछ दिन पूर्व बुखार आया और देखते ही देखने उसने सोमवार को कोरोना संक्रमण की वजह से दम तोड़ दिया। महिला की मौत होने की वजह से कोरोना संक्रमण जानकर कोई भी मदद को नहीं आया। परिवार गांव के लोगों ने साथ छोड़ दिया तो हताश होकर तिलकधारी सिंह ने अपनी साइकिल उठाई और शव को लादकर अंतिम संस्‍कार करने का प्रयास किया लेकिन बुजुर्ग होने की वजह से जल्‍द ही थक कर बैठ गया और किस्‍मत पर विलाप करने लगा। इस दौरान गांव में किसी ने घटना की फोटो खींच कर इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया। मामले की जानकारी होने के बाद पुलिस भी सक्रिय हुई और अपने प्रयास से शव का अंतिम संस्‍कार कराया।