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    ‘गाय-भैंस सामने आने से पलटी गाड़ी, विकास को जिंदा पकड़ने की पूरी की कोशिश’

    Jul 10, 2020

    kanpur: मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार विकास दुबे को एनकाउंटर में मार गिराया गया। इस मामले को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे. पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं. विपक्ष के साथ-साथ कई लोग इसे फर्जी मुठभेड़ बता रहे हैं.

    अब एसटीएफ ने इस मुठभेड़ को लेकर एक प्रेस नोट जारी किया है. प्रेस नोट में बताया गया है कि पुलिस विकास दुबे को जिंदा पकड़ने के लिए उसके करीब जाने की कोशिश की, लेकिन वह गोलियां चलाता रहा, इसके बाद पुलिस को आत्‍मरक्षा में पलटवार करना पड़ा, जिसमें दुबे मारा गया.

    एसटीएफ का कहना है कि जिस वाहन से विकास दुबे को उज्जैन से कानपुर लाया जा रहा था, उसके सामने अचानक से मवेशियों का एक झुंड आ गया था, जिसकी वजह से ड्राइवर तेज चल रही वाहन पर काबू नहीं रख पाया और गाड़ी पलट गई. इस हादसे में पांच पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है.

    प्रेस नोट के अनुसार, कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में सुबह अचानक गाय और भैंसों का झुंड भागता हुआ रास्‍ते में आया. पुलिस वाहन का चालक लंबी यात्रा से थका हुआ था, ऐसे में इन जानवरों को दुर्घटना से बचाने की कोशिश में उसने वाहन को अचानक से मोड़ा जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया.


    अचानक हुई इस घटना से गाड़ी में सवार इंस्‍पेक्‍टर रमाकांत चौधरी, सबइंस्‍पेक्‍टर पंकज सिंह, उपनिरीक्षक अनूप सिंह, सिपाही सत्‍यवीर और प्रदीप कुमार को गंभीर चोटें आईं। इस बीच मौके का फायदा उठाकर विकास दुबे ने रमाकांत पचौरी की सरकारी पिस्‍टल को झटके से खींच लिया.

    प्रेस नोट के अनुसार, इसके बाद दुबे गाड़ी से उतरकर कच्‍चे रास्‍ते पर भागने लगा. पीछे से आ रही दूसरी गाड़ी में बैठे एसटीएफ के सीओ तेजबहादुर सिंह ने दुबे का पीछा किया. इस पर विकास दुबे ने पुलिस टीम पर गोलियां बरसाने लगा. इस पर जवाबी कार्रवाई में पुलिस को भी फायरिंग करना पड़ा.

    प्रेस नोट के अनुसार, पुलिस ने विकास दुबे को जिंदा पकड़ने का पूरा प्रयास किया लेकिन दुबे ने लगातार फायरिंग जारी रखी. अन्‍य कोई विकल्‍प ना होने की स्थिति में पुलिसकर्मियों ने भी अपनी जान बचाने के लिए काउंटर फायरिंग की.

    प्रेस नोट के अनुसार, गोली लगने से दुबे जमीन पर घायल होकर गिर गया, जिसे तत्‍काल इलाज के लिए सरकारी अस्‍पताल ले जाया गया, जहां डॉक्‍टरों से उसे मृत घोषित कर दिया.

    प्रेस नोट के अनुसार, विकास दुबे की फायरिंग में एसटीएफ के मुख्‍य आरक्षी शिवेंद्र सिंह सेंगर और आरक्षी विमल यादव घायल हो गए, इनका इलाज चल रहा है. इसके अलावा वाहन पलटने से घायल पुलिसकर्मियों का भी इलाज जारी है.