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    चीन ने माना, गलवान हिंसक झड़प में उसने भी भी खोया कमांडिंग ऑफिसर

    Jun 22, 2020

    New Delhi: गलवान घाटी में 15 जून को भारत और चीन के जवानों के बीचहिंसक झड़प हुई थी, इस झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे. हिंसक झड़प के बाद पहली बार दोनों देशों के बीच सैन्य कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी. एक अंग्रेजी अखबार के अनुसार, पहली बार चीन ने माना की इस हिंसक झड़प में उसने भी अपना एक सैन्य ऑफिसर खोया है.

    उस रात को क्या हुआ था

    जानकारी के अनुसार, 15 जून की शाम कमांडिंग ऑफिसर संतोष बाबू 30-35 जवानों के साथ गलवान घाटी में पेट्रोलिंग पॉइंट 14 पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि चीनी सैनिकों का एक टेंट वहां पर है. जबकि बातचीत में उस टेंट को हटाने को कहा गया था.

    जब संतोष बाबू चीनी सैनिकों से टेंट हटाने को कहा तो चीनी सैनिकों ने हमला कर दिया. इस दौरान दोनों तरफ से जमकर हाथापाई हुई. इस दौरान पत्थरबाजी भी हुई. बताया जा रहा है कि पहली झड़प में भारतीय सैनिक चीनी सैनिकों पर भारी पड़े. कुछ देर के लिए झड़प शांत हो गई.

    इसके बाद भारतीय सेना की दूसरी टीम वहां बुला ली गई क्योंकि संतोष बाबू को शक था कि चीनी सैनिक और भी हरकत कर सकते हैं. अंदेशा सही निकला, कुछ देर बाद ही चीन सैनिकों की बड़ी टीम वहां पहुंच गई और फिर से खुनी झड़प शुरू हो गई. इस झड़प में सीओ संतोष बाबू सहित कुछ जवान नीचे नदी में गिर गए. इस दौरान चीनी सैनिक भी बुरी तरह घायल हो गए थे.

    जब झड़प रूकी तो दोनों तरफ के जवान अपने-अपने सैनिकों को ढूंढना शुरू कर दिया. इस दौरान भारतीय सैनिको ने सीओ संतोष बाबू का बॉडी देखकर आपा खो दिया और चीनी सैनिकों पर हमला कर दिया. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों के गर्दन भी तोड़ दिए थे.

    बताया जाता है कि इस झड़प में 35-40 चीनी सैनिक बुरी तरह घायल हुए थे, हालांकि पहली चीन में माना है कि उसने भी इस झड़प में अपना एक ऑफिसर को खोया है.