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    Godda To Gwalior: गर्भवती पत्नी की परीक्षा के लिए पति ने चलाई 1176 KM स्कूटी

    Sep 4, 2020

    Godda To Gwalior. हौसले बुलंद हों, तो मुसीबतों का पहाड़ टूट जाता है। इसे झारखंड के रहने वाले धनंजय मांझी ने साकार कर दिखाया है। धनंजय रहने वाले तो झारखंड के हैं लेकिन उनकी चर्चा इन दिनों मध्यप्रदेश में खूब हो रही है। गोड्डा से 1176 किलोमीटर ग्वालियर में धनंजय अपनी पत्नी सोनी को परीक्षा दिलाने पहुंचे हैं। पत्नी सोनी हेम्ब्रम यहां डिलेड सेकंड इयर की परीक्षा दे रही है। धनंजय की चर्चा इसलिए हो रही है कि वह अपनी 7 माह की गर्भवती पत्नी को स्कूटी से लेकर ग्वालियर पहुंचे हैं, क्योंकि ट्रेन अभी चल नहीं रहा है। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि गाड़ी से लेकर आते हैं।

    परीक्षा नहीं छूटे

    कोरोना की वजह से गोड्डा से ग्वालियर आने के लिए अभी कोई साधन नहीं है। ट्रेन भी बंद है। घर की हालत धनंजय की ऐसी नहीं है कि कोई प्राइवेट गाड़ी से परीक्षा दिलाने आते। पत्नी की इच्छा थी कि परीक्षा नहीं छूटे। वह डीलेड कर शिक्षक बनना चाहती है। वहीं, पति गुजरात की एक कंपनी में कुक का काम करता है। लॉकडाउन की वजह से नौकरी चली गई। 3 महीने से घर पर आकर ही बैठा हुआ था। बचे हुए पैसे खर्च हो गए थे।

    पति ने चलाई 1176 KM स्कूटी

    ऐसे में धनंजय अपनी पत्नी के सपने को साकार करने के लिए गोड्डा से ग्वालियर स्कूटी से ही आने का फैसला किया। तमाम मुश्किलों का सामना करते हुए धनंजय स्कूटी से ही पत्नी सोनी हेम्ब्रम को लेकर ग्वालियर पहुंचे हैं। रास्ते में कई तरह की परेशानियां हुईं लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। धनंजय को ग्वालियर पहुंचने के लिए बिहार, यूपी और एमपी के विभिन्न पहाड़ी और मैदानी रास्तों से गुजरना पड़ा है।

    15 हजार मांग रहे थे किराया

    धनंजय ने बताया कि यहां आने के लिए कुछ प्राइवेट बस मिले थे। गोड्डा से ग्वालियर तक के लिए 15 हजार रुपया किराया प्रति व्यक्ति मांग रहे थे। लेकिन हमारे पास इतनी राशि नहीं थी कि हम किराया दे सकते थे। ट्रेन में हमने टिकट बुक कराई थी लेकिन ऐन वक्त पर ट्रेन कैंसिल हो गई है। 28 अगस्त को हम लोग गोड्डा से चले थे। 30 अगस्त को रुकते-रुकते ग्वालियर पहुंच गए।

    गहने रखने पड़े गिरवी

    नौकरी जाने की वजह से धनंजय के पास इतने रुपये भी नहीं थे कि वह ग्वालियर आने के लिए स्कूटी में पेट्रोल भरा पाता था। साथ ही रास्ते का खर्चा निकाल पाता। ऐसे में धनंजय की पत्नी सोनी अपने गहने गिरवी रख दिए। धनंजय ने गहने 10 हजार में गिरवी रहे है, जिसके बदले में उसे हर महीने 300 रुपये ब्याज देने हैं। ग्वालियर पहुंचने में कुल 3500 रुपये खर्च हुए हैं। यहां रहने के लिए 1500 रुपये के किराए पर कमरा लिया है।

    स्कूटी से ही जाएंगे वापस

    धनंजय परीक्षा खत्म हो जाने के बाद स्कूटी से ही गर्भवती पत्नी को लेकर गोड्डा लौटेंगे। इस दंपति के सामने आज भी आर्थिक चुनौती है। लेकिन पत्नी सोनी हेम्ब्रम की जिद है कि उसे शिक्षक बनना है। धनंजय खुद 10वीं भी पास नहीं है। अपनी पत्नी के इस सपने को किसी भी तरह से साकार करना चाहता है।