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    वैज्ञानिक का दावा, 21 जून सूर्यग्रहण पर खत्म हो जाएगा कोरोना वायरस

    Jun 17, 2020

    New Delhi: इस वक्त पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही है. अब लोग कोरोना वायरस को सूर्य ग्रहण से जोड़कर भी देख रहे हैं. इन सब के बीच चेन्नई के एक वैज्ञानिक ने तो कोरोना वायरस और सूर्यग्रहण के बीच कनेक्शन का दावा किया है.

    न्यूज एजेंसी की ANI की एक रिपोर्ट के अनुसारए चेन्नई के एक वैज्ञानिक ने दावा किया है कि कोरोना वायरस के प्रकोप और सूर्य ग्रहण के बीच एक सीधा संबंध है, जो 26 दिसंबर 2019 को हुआ था. उनका दावा है कि आने वाले 21 जून के सूर्यग्रहण के दिन कोरोना वायरस खत्म हो जाएगा.

    परमाणु और पृथ्वी वैज्ञानिक डॉ केएल सुंदर कृष्ण का कहना है कि सूर्यग्रहण के बाद उत्सर्जित विखंडन ऊर्जा के कारण पहले न्यूट्रॉन के उत्परिवर्तित के संपर्क में आने के बाद कोरोना वायरस टूट गया है. उनका दावा है कि कोरोना वायरस हमारी जिंदगी को नष्ट करने आया है.

    डॉ केएल सुंदर कृष्ण अनुसार, 26 दिसंबर के सूर्य ग्रहण के बाद सौर मंडल में ग्रहों की दशा में बदलाव हुआ है, जिसके बाद अंतर-ग्रह बल और ऊर्जा की भिन्नता के कारण कोरोना वायरस ऊपरी वायुमंडल से उत्पन्न हुआ है. इसी बदलाव की वजह से कोरोना वायरस के लिए उचित वातावरण बना. ये न्यूट्रॉन सूर्य के विखंडन ऊर्जा से निकल रहे हैं.

    उन्होंने कहा कि न्यूक्लियोन को न्यूक्लियर करना शुरू कर दिया. न्यूक्लियर बनने की यह प्रक्रिया बाहरी मटीरियल के कारण शुरू हुई होगी, जो कि ऊपरी वायुमंडल में बायो मॉलिक्यूल और बायो न्यूक्लियर के संपर्क में आने से हो सकता है. यही नहीं उनका मानना है कि बायो मॉलिक्यूल संरचना ;प्रोटीनद्ध का उत्परिवर्तन इस वायरस का एक संभावित स्रोत हो सकता है.

    उनका दावा है कि 21 जून का सूर्य ग्रहण इस वायरस का प्राकृतिक उपचार हो सकता है. उन्होंने कहा कि हमें इससे घबराने की जरूरत नहीं है. यह सौरमंडल में होने वाली प्राकृतिक हलचल है. कृष्ण ने कहा कि सूर्य ग्रहण एक प्राकृतिक उपचार भी हो सकता है जो हमें इस महामारी से छुटकारा दिलाएगा. सूर्य की किरणें और सूर्य ग्रहण इस वायरस का प्राकृतिक इलाज है. आगामी सूर्य ग्रहण वायरस को निष्क्रिय कर सकता है.