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    क्वारंटीन सेंटर में रह रहे प्रवासी मजदूरों ने किया कमाल, स्कूल को बनाया ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’

    Jun 26, 2020

    Satna: विभिन्न प्रदेशों से लौटे प्रवासी मजदूर एमपी में घर जाने से पहले क्वारंटीन सेंटर में रह रहे थे। ग्रामीण इलाकों में सरकारी स्कूल को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया था। प्रवासी मजदूरों को यहीं ठहराया गया था। एमपी के सतना जिले में सरकारी स्कूल में रह रहे मजदूरों ने स्कूल को वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) बना दिया है। मजदूरों ने स्कूल का ऐसा कायाकल्प किया है कि अब दूर-दूर से लोग स्कूल को देखने आ रहे हैं।

    दरअसल, उचेहरा जनपद की ग्राम पंचायत जिगनहट गांव के मजदूर रोजगार की तलाश में मुंबई गए थे। लॉकडाउन की वजह से वहां काम बंद हो गया। उसके बाद मजदूर गांव लौट आए। यहां पहुंचने के बाद मजदूरों को गांव के बाहर बने स्कूल में क्वारंटीन किया गया है। क्वारंटीन सेंटर में रह रहे मजदूरों का हाल जानने के लिए उपयंत्री राकेश ताम्रकार वहां पहुंचे।

    मुंबई में करते थे पेंटिंग

    बातचीत के दौरान उपयंत्री को जानकारी मिली कि स्कूल में रह रहे सभी मजदूर मुंबई में पेंटिंग का काम करते थे। उसके बाद उन्होंने कहा कि स्कूल की पेंटिंग वंदे भारत एक्सप्रेस की तरह हो सकती है। मजदूरों के पास ऐसा करने का अनुभव था, उन लोगों ने तुरंत हामी भर दी। साथ ही कहा कि हमारे क्वारंटीन पीरियड का अच्छा उपयोग भी हो जाएगा।

    बना दिया वंदे भारत एक्सप्रेस

    उसके बाद उपयंत्री के निर्देश पर स्थानीय सरपंच और रोजगार सहायक ने इन्हें सामाग्री उपलब्ध करा दिए। क्वारंटीन पीरियड के दौरान मजूदरों ने कायाकल्प कर दिया। अपने हुनर से इन प्रवासी मजदूरों ने स्कूल को वंदे भारत एक्सप्रेस में तब्दील कर दिया। वहीं, अब स्कूल का नाम भी बदल कर वंदे भारत एक्सप्रेस कर दिया गया है।

    इन मजदूरों ने किया है कमाल

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस काम में मजदूर प्रदीप पटेल, अशोक विश्वकर्मा, संतू गर्ग, रामलाल चौधरी, विनय पांडेय, अवधेश दहिया, सचिन चौधरी, रामकिशन यादव, श्रवण पांडेय और सुनील विश्वकर्मा शामिल थे।

    सीएम ने की तारीफ

    वहीं, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी मजदूरों के इस हुनर को सलाम किया है। उन्होंने कहा है कि यह रचनात्मक प्रयास बच्चों को स्कूल आने और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करेगा। मुझे विश्वास है कि यह नया वातावरण बच्चों के सपनों को नई उड़ान देगा, उन्हें विशिष्टिता की अनुभूति कराएगा। इस अद्भुत रचनात्मक प्रयास के लिए श्रमिक बंधुओं का अभिनंदन और टीम को शुभकामनाएं।