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    50 साल का रिकॉर्ड टूटा, 180 KM की रफ्तार से चली हवा, 15 मई के बाद बढ़ेगा तापमान

    May 14, 2020

    बुधवार को देर शाम भोपाल में आई तेज आंधी ने पिछले 50 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 50 सालों में पहली बार भोपाल में 180 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चली है। इससे कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। तेज आंधी के बाद भोपाल के कई इलाकों में बारिश भी हुई है। उसके बाद गरज-चमक के साथ बादल छाए रहे। मौसम विभाग के अनुसार अभी कुछ दिनों तक शाम में प्रदेश के कई जिलों में आंधी-तूफान आते रहेंगे। 15 मई से प्रदेश में तापमान भी बढ़ेगा।

     

    तेज आंधी की वजह से भोपाल के कई इलाकों में बनाए गए बैरिकेड्स भी धवस्त हो गए हैं। जिन इलाकों में हवा ज्यादा तेज चल रही थी, वहां तीन घंटे तक बिजली भी गुल रही है। साथ ही कई जगहों पर पेड़ भी गिरे हैं। जानकारी के अनुसार इससे पहले भोपाल में 1970 में 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली थी।

     

    मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि मध्य क्षोभ मंडलीय स्तरों तक दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण विद्यमान है। इसके प्रभाव से दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और आसपास के दक्षिण अंडमान सागर एक कम दबाव क्षेत्र विकसित हो गया है। ऐसे में चक्रवाती परिसंचरण मध्य क्षोभ मंडलीय स्तर तक फैली है। 15 मई के दौरान इसके और अधिक शक्तिशाली हो कर दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग पर एक अवसाद ( डिप्रेशन ) में केन्द्रित होने की बहुत संभावना है।

     

    मौसम विभाग ने कहा है कि 16 मई के आसपास यह मौसम प्रणाली, अधिक तीव्र होकर दक्षिण-पश्चिम और आसपास की पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी पर एक साइक्लोनिक स्टॉर्म में विकसित होगी।

    15 मई से बढ़ेगा तापमान

    मध्यप्रदेश में अभी तक सबसे अधिक 45 डिग्री सेल्सियस तक तापमान गया। ज्यादातर जिलों में पारा 40 के पार ही हैं। 13 मई को खरगौन में सबसे ज्यादा 43 डिग्री सेल्यिस तापमान था। मौसम विभाग का पूर्वनुमान है कि पश्चिम मध्य प्रदेश से आंतरिक कर्नाटक तक द्रोणिका लाइन बनी हुई है। इससे मौसम में फिर बदलाव आएगा और तापमान बढ़ेगा। मौसम वैज्ञानिक ने कहा कि क्यूम्बलोनिम्बस क्लाउड ने शहर में कहर बरपाया है। गरजने-चमकने वाले यह बादल बेहत ताकतवर होते हैं, जिनसे हवा निकलती है।