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    26 साल के शहीद कुंदन ओझा 17 दिन पहले बने थे पिता, बेटी का चेहरा तक नहीं देख पाए

    Jun 17, 2020

    Ranchi: लद्दाख के गलावन घाटी में सोमवार की रात भारत और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 जवान शहीद हो गए हैं. इसमें बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू समेत बिहार रेजिमेंट के तीन जवान शहीद हो गए.

    कर्नल संतोष 18 महीने से लद्दाख में भारतीय सीमा की सुरक्षा में तैनात थे. वहीं, 26 साल के शहीद कुंदन ओझा 17 दिन पहले ही पिता बने थे लेकिन बेटी की चेहरा तक नहीं देख पाए. कुंदन के पिता रविशंकर ओझा किसान हैं.

    कुंदन झारखंड के साहेबगंज जिले के दीहारी गांव के रहने वाले थे. कुंदन 2011 में बिहार रेजिमेंट में भर्ती हुए थे. जानकारी के अनुसार, तीन साल पहले उनकी शादी हुई थी और 5 महीने पहले घर आए थे. 15 दिन पहले उनसे बात हुई थी और मंगलवार को परिवार वालों को दुखद खबर मिली.

    गौरतलब है कि सोमवार की रात दोनों देशों की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी. ये घटना पूर्वी लद्दाख के गलावन घाटी के पास हुई थी. इस पूरी घटना पर भारतीय सेना ने बयान जारी किया है. सेना ने कहा है कि 15 जून की रात गलावन घाटी में हिंसक झड़प हुई थी, इस घटना में 20 सैनिक शहीद हुए हैं. इस बीच भारतीय सैनिकों को चीनी पक्ष की जो बातचीत इंटरसेप्ट की है, उसके मुताबिक, 43 सैनिक मारे गए हैं या तो गंभीर रूप से घायल हैं.