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    4 सांसदों समेत 21 भाजपा नेताओं के टीएमसी में शामिल होने की खबर, BJP का इनकार

    Aug 3, 2020

    Kolkata. बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के चार सांसदों, एक विधायक और 16 पार्षदों समेत कुल 21 नेताओं के तृणमूल में शामिल होने की खबरों को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान मच गया है। हालांकि भाजपा ने इस खबर को फर्जी बताते हुए इसका खंडन किया है।

    भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने सोमवार को ट्वीट कर ऐसी खबरों को चलाने पर मीडिया की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा, ‘कुछ न्यूज चैनल भाजपा सांसदों के तृणमूल में जाने की शरारतपूर्ण खबर चला रहे हैं। हम इस तरह की किसी भी खबर की निंदा करते हैं। सभी सांसद बीजेपी के साथ हैं और मोदीजी के नेतृत्व में काम कर रहे हैं।

    वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद दिलीप घोष ने भी कहा कि कुछ लोगों का काम है कहानी रचने का और वह रचें। हमें अपने सभी सांसदों व हर कार्यकर्ताओं पर पूरा भरोसा है कि वह हमारी पार्टी के साथ हैं और आगे भी रहेंगे। जिनको भाजपा की बढ़त से तकलीफ है वह सब ऐसी फर्जी खबरें बनाकर बेच रहे हैं। घोष ने चुनौती दी कि यदि हिम्मत है तो हमारे सांसदों को तोड़कर दिखाएं।

    गौरतलब है कि एक प्रमुख अंग्रेजी चैनल द्वारा दावा किया गया है कि भाजपा के 21 नेता फिर से तृणमूल में वापसी करना चाहते हैं। इन नेताओं में 4 सांसद, 1 विधायक और 16 पार्षद शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर नेता तृणमूल से भाजपा में शामिल हुए थे। अब ये घर वापसी की योजना बना रहे हैं।

    इनमें एक भाजपा सांसद जो दो बार सांसद रह चुके हैं उनके बारे में बताया गया है कि वह पिछले तीन महीनों से दिल्ली में तृणमूल नेताओं से संपर्क बनाए हुए हैं और पार्टी में शामिल होने की इच्छा जता चुके हैं। उनका इशारा बंगाल के विष्णुपुर से सांसद व भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष सौमित्र खा की ओर है।

    वहीं, इसको लेकर सौमित्र खा ने कड़ा एतराज जताया है। खा ने एक वीडियो संदेश जारी कर उक्त चैनल का नाम लेते हुए कहा कि क्या आप गांजा जा व शराब का सेवन करके खबरें करते हैं? उन्होंने पूछा कि तृणमूल से कितना पैसा मिला है जिसके चलते इस तरह आधारहीन खबरें चलाई गई है। खान ने कहा कि मैंने अपनी मां का कसम लिया है कि तृणमूल को हटाकर 2021 में बंगाल में भाजपा की सरकार बनाएंगे।

    उन्होंने यह खबर दिखाए जाने को लेकर उक्त चैनल के खिलाफ कोर्ट जाने की भी बात कहीं। इधर, प्रदेश भाजपा की ओर से इस खबर को प्रसारित किए जाने को लेकर उक्त चैनल के संपादक को नोटिस भेजा गया है। वहीं, कोलकाता प्रेस क्लब के अध्यक्ष से भी इसकी शिकायत की गई है।

    भाजपा नेताओं ने एक सुर में खबर को बताया फर्जी

    इधर, भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य मुकुल राय ने भी ट्वीट कर कहा, ‘एक और आधारहीन, फर्जी व मनगढ़ंत कहानी। इस तरह की खबरें मीडिया की साख को नुकसान पहुंचा सकती है।’ केंद्रीय मंत्री व आसनसोल से सांसद बाबुल सुप्रियो ने भी कहा कि यह ख़बर पूरी तरह से फर्जी है और इस पर विश्वास नहीं करें। वहीं, बैरकपुर से भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने कहा कि ये खबरें पूरी तरह झूठी है और एक डरी हुई सीएम द्वारा प्रचारित की जा रही है। वह (ममता बनर्जी) भाजपा के बंगाल में बढ़ने से डर गई हैं। हम बंगाल में अराजकतावादी सरकार को हराने के लिए भाजपा परिवार के साथ खड़े हैं। कूचबिहार से सांसद निशिथ प्रमाणिक ने भी इस खबर को फर्जी बताते हुए कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि हम सभी एकजुट हैं और 2021 में टीएमसी के सफाया के लिए तैयार हैं। हालांकि इस मामले में फिलहाल तृणमूल की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।