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    क्रॉस वोटिंग कर बीजेपी MLA ने सिंधिया से लिया ‘अपमान’ का बदला?

    Jun 24, 2020

    Bhopal: ज्योतिरादित्य सिंधिया पहली बार राज्यसभा जा रहे हैं। उन्हें वोटिंग के दौरान 56 वोट मिले थे। बीजेपी के एक विधायक ने क्रॉस वोटिंग (cross voting in rajya sabha election) किया था। क्रॉस वोटिंग पर पार्टी विधायक पर कोई कार्रवाई, तो नहीं करेगी। लेकिन उनसे जवाब मांगा है। हालांकि विधायक ने वोटिंग के दिन ही कह दिया था कि ये गलती से हो गई है। मैं पूरी तरह से पार्टी के साथ हूं। लेकिन सियासी गलियारे में एक सवाल तैर रहे हैं कि क्या विधायक ने सिंधिया से 3 साल पुराने कथित अपमान का बदला लिया है।

    दरअसल, ये सवाल इसलिए उठ रहा है कि गुना आरक्षित सीट से गोपीलाल जाटव 4 बार के विधायक हैं। इससे पूर्व में भी उन्होंने कई बार राज्यसभा चुनाव में वोटिंग की है। ऐसे में उनसे इस तरह की गलती की उम्मीद पार्टी को नहीं थी। कहा जा रहा है कि जाटव की इस गलती से पार्टी नेतृत्व नाराज है। क्रॉस वोटिंग के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने बंद कमरे में विधायक गोपीलाल जाटव से बात भी की है।

    ‘अपमान’ का लिया बदला?

    ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना-शिवपुरी से सांसद रहे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में वह हार गए थे। गोपीलाल जाटव भी गुना से लगातार 4 बार से विधायक हैं। जाटव के क्रॉस वोटिंग के बाद 2017 के एक वाक्ये की चर्चा सियासत में जोरों पर है। उस दौरान गुना विधानसभा में एक घटना घटी थी। 22 जुलाई 2017 को एक गुना विधानसभा क्षेत्र में तत्कालीन सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को एक ट्रॉमा सेंटर का उद्घाटन करना था। वर्चश्व की लड़ाई में बीजेपी विधायक गोपीलाल जाटव ने सिंधिया से पहले ही उस ट्रॉमा सेंटर का उद्घाटन कर दिया। जिसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों ने उस जगह को गंगाजल से धुलवा दिया था।

    जाटव को चुभ गई थी यह बात

    गंगाजल से उस स्थल को धुलवाने के बाद सियासी बखेड़ा खूब हुआ था। बताया जाता है कि जाटव को यह बात चुभ गई थी। उन्होंने इस घटना को अनुसूचित जाति का अपमान से जोड़ा था। राज्यसभा चुनाव में सिंधिया के खिलाफ क्रॉस वोटिंग कर क्या गोपीलाल जाटव ने उसी घटना का बदला ले लिया? हालांकि वह क्रॉस वोटिंग को सिर्फ एक गलती मान रहे हैं।

    प्रेशर पॉलिटिक्स तो नहीं

    गोपीलाल जाटव के क्रॉस वोटिंग के दूसरे मायने भी निकाले जा रहे हैं। राज्यसभा चुनाव संपन्न होने के बाद एमपी में कैबिनेट का विस्तार भी होना है। ऐसे में ये भी चर्चा है कि 4 बार के विधायक रहे, गोपीलाल जाटव के मन में भी मंत्री बनने की इच्छा जागृत तो नहीं हो रही है। और क्रॉस वोटिंग के जरिए उन्होंने पार्टी पर प्रेशर बनाने की कोशिश की हो। मंत्री पद की दावेदारी को लेकर जाटव की ओर से कोई बयान आया नहीं है।

    तालमेल नहीं बैठ पा रहा

    दरअसल, बीजेपी में ज्योतिरादित्य सिंधिया के आने के बाद से लगातार विरोध के स्वर उठ रहे हैं। पार्टी के पुराने नेता अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। पार्टी के आला नेता लगातार उन नेताओं को मनाने की कोशिश में लगे हैं। लेकिन बीजेपी के लिए यह इतना आसान भी नहीं है। कई नेता पार्टी छोड़कर का कांग्रेस का दामन भी थाम रहे हैं।