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    ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में बीजेपी के महारथी दे रहे हैं ‘टेंशन’?

    Sep 2, 2020

    Bhopal. एमपी में उपचुनाव बीजेपी से ज्यादा ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए प्रतिष्ठा का विषय है। सबसे ज्यादा चुनौती बीजेपी के गढ़ ग्वालियर-चंबल संभाग में ही हैं। पुराने कई दिग्गज नेताओं के दिल अभी भी सिंधिया के लोगों से नहीं मिले हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने दौरे के दौरान बीजेपी इन दिग्गज से मिल कर इन्हें साधने की कोशिश की थी। लेकिन एक पूर्व मंत्री ने कुछ घंटे बाद ही ट्वीट कर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे। ऐसे में पार्टी अब उन रूठे लोगों को मनाने में जुट गई है।

    27 में से 16 सीटें उपचुनाव में ग्वालियर-चंबल संभाग में है। बीजेपी ने हाल ही में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ ग्वालियर में मेगा शो किया था। लेकिन चर्चा है कि पार्टी के अंदर अभी भी सारी चीजें वहां सामान्य नहीं हैं। उपचुनाव की जिम्मेदारी संभाल रहे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा कोरोना संक्रमित हो गए हैं। ऐसे में फिर से प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर में कैंप किए हुए थे। दोनों वरिष्ठ नेता पार्टी के दिग्गजों के एकजुट करने में जुटे हैं।

    जयभान से मिले वीडी

    दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में आने के बाद ग्वालियर में रूठे लोगों के मनाने के लिए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा जाते थे। पूर्व वित्त मंत्री जयभान सिंह पवैया सबसे ज्यादा आक्रामक हैं। खुल कर बोलते नहीं, लेकिन ट्वीट कर अपने इरादे स्पष्ट कर देते हैं। इन्हें साधने के लिए सीएम शिवराज से लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया तक कोशिश कर चुके हैं। अब प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने मोर्चा संभाला है। वीडी शर्मा ने ग्वालियर में जयभान सिंह पवैया से फिर मुलाकात की है। साथ ही बंद कमरे में बात भी दोनों के बीच हुई है।

    वहीं, मुलाकात के बाद प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने जयभान सिंह पवैया के नाराजगी की बात को खारिज कर दिया है। उन्होंने बीजेपी में मेल-मिलाप का दौर चलते रहते है। इसके साथ ही बीजेपी के दिग्गज नेता अनूप मिश्रा का नाम भी नाराज लोगों की सूची में आता है। लेकिन खुल कर ये लोग अपनी बात अभी तक पार्टी फोरम में ही रख रहे हैं।

    वीडी शर्मा गए दिल्ली

    प्रदेश में उपचुनाव की तैयारियों को लेकर केंद्रीय नेताओं से चर्चा करने वीडी शर्मा दिल्ली गए हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान को भी आज दिल्ली जाना था लेकिन हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आने की वजह से उनका दिल्ली दौरा रद्द हो गया। लेकिन अभी की तारीख में बीजेपी के लिए सबसे बड़ी चुनौती है, ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में बीजेपी के महारथियों को साधना है।
    क्यों है ऐसी स्थिति

    दरअसल, उपचुनाव में ग्वालियर-चंबल के सभी सीटों पर बीजेपी उन्हीं उम्मीदवारों को टिकट देगी, जो ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़ कर आए हैं। इस क्षेत्र से बीजेपी के कई कद्दावर नेता हैं, जो पूर्व में शिवराज सरकार में मंत्री भी रहे हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में ये लोग कांग्रेस उम्मीदवारों से चुनाव हार गए थे। जिन लोगों से ये लोग चुनाव हारे थे, वह अब बीजेपी में हैं। ऐसे में सभी अपने सियासी करियर को लेकर चिंतित हैं। वहीं, पार्टी इन लोगों को साथ लेकर चलना चाहती है, अगर ये नाराज रहे तो पार्टी उपचुनाव में इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।