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    ‘भारत के 60 वर्ग KM पर चीन का कब्जा’ राहुल गांधी बोले- इनकार कोई समाधान नहीं

    Jun 5, 2020

    शनिवार को भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में जारी गतिरोध को खत्म करने के मकसद से बातचीत होगी. इससे पहले लेफ्टिनेंट जनरल ( रिटायर्ड ) एचएस पनाग ने दावा किया कि 6 जून को होने वाली बातचीत में चीन का पलड़ा भारी रहेगा.

     

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    एचएस पनाग के अनुसार, चीन ने पूर्वी लद्दाख के तीन अलग-अलग इलाकों में भारत के करीब 40-60 स्क्वैयर किमी जमीन पर घुसपैठ कर ली है. एचएस पनाग के अनुसार, बैठक में चीन भारत के सामने समझौते की ऐसी शर्तें रखने की कोशिश करेगा, जिसे भारत के मानान आसान नहीं होगा. पनाग के अनुसार, अगर भारत नहीं मानता तो है चीन सीमित युद्ध भी छेड़ सकता है.

     

    राहुल गांधी शेयर किया पनाग का लेख

    कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लेफ्टिनेंट जनरल ( रिटायर्ड ) एचएस पनाग के इस आर्टिकल ट्वीट किया है और लिखा है कि सभी देश भक्तों को जनरल पनाग का आर्टिक जरूर पढ़ना चाहिए. यही नहीं राहुल गांधी इस आर्टिकल की एक पंक्ति को भी कोट किया है ‘इनकार कोई समाधान नहीं है.’ गौरतलब है कि जनरल पनाग ने 2014 में आम आदमी पार्टी जॉइन कर ली थी।

     

    आर्टिकल में क्या है

    जनरल पनाग ने आर्टिकल में आशंका जताई है कि चीन के पास हमारी जमीन है, इसलिए वह विवाद सुलझाने के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा ( LAC ) के पास भारतीय सीमा में आधारभूत ढांचे का निर्माण कार्य रोकने जैसी कठोर शर्त रख सकता है.

     

    आगे उन्होंने लिखा है कि अगर कूटनीति असफल रहती है तो चीन सीमा पर संघर्ष बढ़ाने या सीमित युद्ध लड़ने तक को तैयार है। पनाग आगे कहते हैं कि भारत को यह बात गांठ बांध लेनी चाहिए कि उसे चीन के मनमानेपन के आगे झुकना नहीं है.

     

    युद्ध की नौबत आए तो पीछे नहीं हटे भारत’

    जनरल पनाग ने आगे लिखा है कि भारत को सुनिश्चित करना चाहिए कि एलएसी पर 1 अप्रैलए 2020 तक की यथास्थिति बहाल हो, अगर यह कूटनीतिक स्तर पर नहीं हो सकता है तो ताकत के जोर पर जरूर किया जाना चाहिए, इसके लिए अगर युद्ध की नौबत आए तो भारत को पीछे नहीं हटना चाहिए.

     

    एक महीने से जारी है तनाव

    गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख के अलग-अलग इलाकों में भारत और चीन के सैनिक एक महीने से एक-दूसरे के सामने डटे हुए हैं. 5 मई को दोनों सैनिकों को बीच हिंसक झड़प भी हुई थी. तब से इलाके में तनाव है. इस बीच दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है और 6 जून को लेफ्टिनेंट जनरल लेवल पर बातचीत होगी.