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    BJP के लोग सिंधिया समर्थकों से नहीं लगा पा रहे ‘दिल’, मोर्चा संभालने मैदान में उतरे शिवराज!

    Jun 16, 2020

    Bhopal: उपचुनाव की तारीखों का ऐलान भले ही अभी नहीं हुआ हो, लेकिन सभी राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सिंधिया समर्थक 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद ही एमपी में बीजेपी की सरकार बनी है। बीजेपी के पुराने नेता उनसे दिल नहीं लगा पा रहे हैं। भोपाल में बैठे आला नेताओं की लाख कोशिशों के बावजूद सिंधिया समर्थकों और स्थानीय बीजेपी नेताओं के बीच की दूरियां खत्म नहीं हो रही हैं। ऐसे में सीएम शिवराज सिंह चौहान खुद ही मैदान में उतर चुनावी बिगुल फूंक दिया है।

    इसके साथ ही सिंधिया समर्थकों और स्थानीय बीजेपी नेताओं को शिवराज ने एक साथ लाने की कवायद भी शुरू कर दी है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार से चुनावी अभियान की शुरुआत कर दी है। शिवराज ने रायसेन जिले के सांची से चुनावी बिगुल फूंक दिया है। यहां शिवराज ने डोर टू डोर कैंपन किया। साथ ही बीजेपी नेताओं के साथ बैठक भी की। सांची से उपचुनाव में बीजेपी के संभावित उम्मीदवार प्रभुराम चौधरी होंगे।

    प्रभुराम चौधरी इससे पहले कांग्रेस में थे। कमलनाथ की सरकार में वह स्कूली शिक्षा मंत्री थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ इस्तीफा देकर वह बीजेपी में चले आए थे। ऐसे में सांची सीट से टिकट के लिए प्रभुराम चौधरी की दावेदारी मजबूत है। कोरोना संक्रमण के बीच सीएम शिवराज सिंह चौहान इन्हें जीताने के लिए लोगों से वोट मांगने गए थे। मगर प्रभुराम चौधरी को वहां स्थानीय नेताओं से सहयोग नहीं मिल रहा है।

    नाराज हैं शेजवार?

    पूर्व मंत्री गौरीशंकर शेजवार और प्रभुराम चौधरी की पुरानी अदावत है। शेजवार 7 बार सांची से विधायक रहे हैं, 2018 के विधानसभा चुनाव में वह हार गए थे। बीते दिनों उन्होंने कांग्रेस से आने वाले नेताओं को अनुशासन की नसीहत दी थी और अपना रुख साफ कर दिया था। सीएम के जनसंपर्क अभियान के दौरान भी इसकी झलक दिखी कि शेजवार और प्रभुराम के दिल अभी नहीं मिले हैं। दोनों नेता कार्यक्रम के दौरान अलग-थलग दिखाई दे रहे थे। इसके साथ ही प्रभुराम चौधरी भी असहज दिखे। ऐसे में सीएम ने पूरे जनसंपर्क अभियान के दौरान दोनों नेताओं को मिलाने की कोशिश करते दिखे।

    दोनों नेताओं से एक साथ की बात

    शेजवार और प्रभुराम चौधरी एक-दूसरे के साथ असहज दिख रहे थे। सीएम शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ने दोनों नेताओं से एक साथ बात की है। तस्वीर देख लग रहा है कि दोनों साथ बैठने के बाद भी असहज हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों नेताओं को सीएम शिवराज सिंह चौहान ने परिस्थितियों से अवगत कराया है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जनसंपर्क के दौरान कहा कि कोविड19 को हराने के लिए हमें दिलों को जोड़ना है, लेकिन आपस में दो गज की दूरी बनाए रखना है।

    कांग्रेस ने कसा तंज

    वहीं, शेजवार और प्रभुराम चौधरी के साथ सीएम शिवराज की बैठक पर कांग्रेस ने तंज कसा है। कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा है कि शिवराज जी कितना भी साथ बैठा दो, कितनी भी समन्वय की कोशिश कर लो, बिकाऊ के खिलाफ टिकाऊ का संघर्ष जारी रहेगा। टिकाऊ, बिकाऊ को अपने ऊपर बैठाना बर्दाश्त नहीं करेगा।

    बीजेपी ने दिया जवाब

    कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पराशर ने हमला किया है। लोकेंद्र पराशर ने नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से बात करते हुए कहा कि सावन के अंधे को हरा-हरा दिखता है। कमलनाथ ने साफ-साफ कहा है कि दिग्विजय सिंह के धोखे के कारण सरकार गिरी है। दिल न मिलने और धोखाधड़ी की नौबत कांग्रेस में आई हुई है। हमारे यहां सब लोग मिल गए हैं, जैसे दूध में शक्कर मिल जाती है। तस्वीर देख वह बीजेपी की तासीर को नहीं समझ सकते हैं। यहां अनुशासन है, पार्टी जो तय करती है, उसी के हिसाब से सभी लोग काम करते हैं।

    सुरखी में भी विरोध के स्वर

    सीएम शिवराज सिंह चौहान सोमवार को सुरखी भी जाने वाले थे, लेकिन आंधी-तूफान की वजह से कार्यक्रम रद्द हो गया। सुरखी से सिंधिया समर्थक गोविंद सिंह राजपूत बीजेपी के उम्मीदवार होंगे, राजपूत अभी शिवराज सरकार में खाद्य आपूर्ति मंत्री हैं। बीजेपी के पुराने नेताओं ने सुरखी में गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ आवाज उठाए हैं। ऐसी परिस्थिति उपचुनाव वाले तमाम सीटों पर हैं। बीजेपी के लिए उपचुनाव में सबसे बड़ी चुनौती यहीं है।