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    MP By-Election: सिंधिया के चक्रव्यूह को भेदने के लिए प्रशांत किशोर के संपर्क में कांग्रेस!

    Jun 3, 2020

    मध्य प्रदेश में उपचुनाव से ही यह तय होना है कि प्रदेश में किसकी सरकार रहेगी। ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस उपचुनाव के एड़ी-चोटी की जोर लगा रही है। उपचुनाव बीजेपी वर्सेज कांग्रेस नहीं है, ज्योतिरादित्य सिंधिया वर्सेज कांग्रेस है। क्योंकि 24 में 22 सीटें सिंधिया समर्थकों के ही हैं। 22 पर उम्मीदवार भी कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले सिंधिया समर्थक ही होंगे। ऐसे में कांग्रेस बीजेपी से ज्यादा ज्योतिरादित्य सिंधिया को टारगेट कर रही है। सिंधिया के चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए अब कांग्रेस पॉलिटिक्ल रणनीतिकार प्रशांत किशोर के संपर्क में है।

    इस बात की पुष्टि पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने की है। पीसी शर्मा ने कहा है कि उपचुनाव की सभी सीटें जीतने के लिए कांग्रेस चुनाव में प्रशांत किशोर की मदद लेने जा रही है। इसके लिए पार्टी उनसे बातचीत कर रही है। उन्होंने कहा है कि किशोर हमारी पार्टी के लिए सर्वे करेंगे। साथ ही सोशल मीडिया पर पार्टी को धार देंगे। उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान एमपी में कांग्रेस को अपनी सेवाएं दी थीं।

    सिंधिया की वजह से गई सरकार

    दरअसल, कांग्रेस जानती है कि सिंधिया की वजह से ही एमपी में सरकार गई है। बीजेपी भी उपचुनाव ज्योतिरादित्य सिंधिया को ही आगे कर लड़ने की तैयारी में हैं। ऐसे में कांग्रेस भी ज्योतिरादित्य सिंधिया को ही टारगेट कर आगे बढ़ रही है। सोशल मीडिया पर कांग्रेस के लोग शिवराज से ज्यादा ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके लोगों को निशाने पर लेते हैं। कांग्रेस की तरफ से उपचुनाव की कमान खुद पूर्व सीएम कमलनाथ संभाले हुए हैं।

     

    हर सीट की कर रहे हैं निगरानी

    कमलनाथ उपचुनाव को लेकर मोर्चा खुद ही संभाले हुए हैं। एक-एक ही सीट की वह खुद ही मॉनिटरिंग कर रहे हैं। साथ ही उन सीटों पर जिताऊ उम्मीदवार के लिए सर्वे भी करवा रहे हैं। मंगलवार को मुरैना जिले के लोगों के साथ उन्होंने चर्चा की थी। साथ ही उम्मीदवारों के बारे में फीड बैक लिया था। कमलनाथ टिकट वितरण सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही करेंगे। क्योंकि इस बार चूक हुई तो फिर 3 साल और सत्ता के लिए इंतजार करना पड़ेगा।

    सोशल मीडिया पर आक्रामक हुई कांग्रेस

    वहीं, उपचुनाव से पहले टीम कांग्रेस सोशल मीडिया पर काफी आक्रामक हो गई है। सभी सोशल हैंडल्स से एमपी कांग्रेस के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके लोगों पर हमला कर रहे हैं। इसमें पूर्व सीएम कमलनाथ से लेकर कई पूर्व मंत्री तक शामिल हैं। एमपी कांग्रेस ने बुधवार को भी ज्योतिरादित्य सिंधिया पर ट्वीट कर हमला किया है। कांग्रेस ने लिखा कि यदि अब बीजेपी, राज्यसभा सीट भी न दे, जयचंदों को टिकट भी न दे…तो ये जयचंद क्या करेंगे…?

    क्यों निशाने पर सिंधिया

    दरअसल, उपचुनाव में 24 में से 16 सीटें ग्वालियर-चंबल संभाग की हैं। इन सभी सीटों पर ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रभुत्व है। ऐसे में कांग्रेस भी जानती है कि उस संभाग में पार्टी के पास कद्दावर नेता नहीं हैं। ऐसा में इन सीटों को जीतना है तो सटीक रणनीति बनानी होगी। सिंधिया के समर्थक इन इलाकों में उनके नाम पर ही चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं। उपचुनाव में इन सीटों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। अगर बीजेपी के खाते में सिर्फ यहीं 16 सीटें चली जाती हैं तो प्रदेश में सरकार बरकरार रहेगी। ऐसे में कांग्रेस के लिए जरूरी हो जाता है कि इस क्षेत्र में सटीक रणनीति के तहत सिंधिया की घेराबंदी करे।

    कौन हैं प्रशांत किशोर

    प्रशांत किशोर ने एक पॉलिटिक्ल रणनीतिकार हैं। सबसे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में वह सुर्खियों में आए थे, तब वह पीएम मोदी के लिए काम करते थे। बीजेपी से अनबन के बाद 2015 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बिहार में महागठबंधन के लिए काम किया। अपनी सटीक रणनीति से वह बिहार में महागठबंधन को जीत दिलवाने में कामयाब भी रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने कांग्रेस के लिए काम किया था, हालांकि वहां सफलता नहीं मिल पाई थी। इसके साथ ही प्रशांत किशोर ने जेडीयू के साथ अपनी सियासी करियर की शुरुआत भी की थी। लेकिन सीएए पर रार के बाद जेडीयू से रिश्ता टूट गया है।