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    राज्यसभा के हंगामे पर राजनाथ सिंह- दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक था सबकुछ

    Sep 20, 2020

    New Delhi. कृषि से जुड़े दो बिल को लेकर राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ. हंगामे के बीच दोनों बिल राज्यसभा से पास करवाया जा चुका है. बिल पास होने के बाद पीएम नरेन्द्र मोदी ने इसे कृषि इतिहास में बड़ा दिन करार दिया. वहीं विपक्ष ने इसे काला दिना बताया.

    वहीं, राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ. विपक्षी सांसदों ने बेल में घुसकर हंगामा किया. इस दौरान रूल बाक फाड़ दिया गया और उपसभापति का माइक भी तोड़ा गया. जिस पर मोदी सरकार के 6 मंत्रियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और विपक्ष पर निशाना साधा. प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वालों में राजनाथ सिंह, प्रकाश जावेडकर, प्रहसाद जोशी, पीयूश गोयल, थावर चंद गहलोत और मुख्तार अब्बास नकवी शामिल रहे.

    मीडिया से बात करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि आज राज्यसभा में जो कुछ भी हुआ, वो गलत हुआ. ऐसा नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह संसदीय मर्यादा का उल्लंघन है. रक्षा मंत्री ने कहा कि दोनों विधेयक ऐतिहासिक है. विपक्ष भ्रामक तथ्यों के आधार पर किसानों को गुमराह कर रहा है.

    कौन से बिल पास हुए

    राज्यसभा में रविवार को केंद्र सरकार ने खेती से जुड़े दो बिल फार्मर्स एंड प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स ( प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन ) बिल और फार्मर्स ( एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन ) एग्रीमेंट ऑन प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विस बिल ध्वनिमत से पास करा लिया. इसी बिल को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. यही नहीं, 12 पार्टियां उपसभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आयीं हैं.

    विपक्ष का हंगामा

    विधेयक पर चर्चा और वोटिंग के दौरान जमकर हंगामा हुआ. विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा के वेल में जाकर जमकर नारेबाजी की. तृणमूल सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने उपसभापति हरिवंश का माइक तोड़ने की कोशिश की. उन्होंने सदन की रूल बुक फाड़ दी. सदन की कार्यवाही जारी रखने के लिए मार्शलों को बुलाना पड़ा. हालांकि वोटिंग प्रक्रिया में भी जमकर हंगामा हुआ. हंगामें के बीच ही विधेयकों को सरकार ने पास करा लिया.