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    सिंधिया समर्थक मंत्री ने अंडे पर सरकार को किया ‘असहज’, सियासी उबाल पर BJP चुप

    Sep 4, 2020

    Bhopal. ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे से मंत्री इमरती देवी हमेशा बेबाक बोल की वजह से सुर्खियों में रहती हैं। अपने बयानों से पूर्व की कमलनाथ सरकार में भी वह चर्चा में रही थीं। शिवराज सरकार में भी इमरती देवी महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं। उनके अंडे वाले बयान ने शिवराज सरकार को असहज कर दिया है। उपचुनाव से पहले कांग्रेस सियासी अंडे को उबालने में लग गई है। ऐसे में बीजेपी ने चुप्पी साध ली है।

    एमपी में 27 सीटों पर उपचुनाव से पहले अंडे को लेकर सियासी संग्राम जारी है। महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने बुधवार को ग्वालियर में फिर से कहा है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को अंडे दिए जाएंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि अंडा नहीं खाने वाले छात्रों को फल दिए जाएंगे। चुनावी मौसम में कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना लिया है। बीजेपी से मंत्री के बयान पर स्टैंड पूछा है। क्योंकि कमलनाथ की सरकार में जब बच्चों को अंडा देने की तैयारी थी, तब बीजेपी ने धार्मिक भावनाओं के आधार पर इसका पुरजोर तरीके से विरोध किया था।

    इमरती देवी ने क्या कहा

    ग्वालियर में मीडिया से बात करते हुए इमरती देवी ने कहा कि जब मैं कांग्रेस की सरकार में मंत्री थी, तब मैंने कहा था कि अंडा सभी के लिए अनिवार्य नहीं है। जो बच्चे खाना चाहते हैं, उन्हें दिया जाएगा। इसके साथ ही जो नहीं खाएंगे, केला और सेव जैसे फल दिए जाएंगे।

    दरअसल, इमरती देवी ज्योतिरादित्य सिंधिया की करीबी हैं। इमरती देवी कांग्रेस सरकार में भी मंत्री थीं, पद छोड़ कर वह बीजेपी में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ आई हैं। कांग्रेस सरकार में बच्चों को अंडा परोसे जाने को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने भी विरोध किया था।

    उस वक्त तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा था कि अंडा खाने से बच्चे नरभक्षी बन जाएंगे। इसके साथ ही कई परिवारों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचेगी। क्योंकि धार्मिक वजहों से कई लोग इसका सेवन नहीं करते हैं। अब इमरती देवी बीजेपी में हैं और अंडा वाले बयान ने पार्टी को असहज कर दिया है।

    हालांकि इमरती देवी यह सफाई जरूर दे रही हैं कि यह सभी के लिए अनिवार्य नहीं है। लेकिन उन्होंने गर्भवती महिलाओं और बच्चों को पौष्टिक भोजन देने का फैसला किया है। जिन्हें नहीं पसंद हैं, उनके पास दूसरा विकल्प भी है।

    कांग्रेस को मौका

    मंत्री इमरती देवी के बयान ने कांग्रेस को मौका दे दिया है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने बीजेपी पर करारा हमला किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान बीजेपी अंडा देने का विरोध कर रही थी। पार्टी सड़क पर भी उतरी थी। लेकिन मंत्री अब भी अपने बयान पर अड़ी हैं। ऐसे में बीजेपी को अपने रुख के बारे में स्पष्ट करना चाहिए।

    जानकारी नहीं

    इमरती देवी के बयान से बीजेपी असहज है। कांग्रेस 2 दिनों से इस मुद्दे पर सरकार को घेर रही है। नगर विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह से जब इमरती के बयान के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि मुझे नहीं जानकारी कि इमरती देवी ने इस मुद्दे पर क्या कहा है। लेकिन पार्टी के सभी नेता इस मुद्दे पर बैठ कर बात करेंगे और फैसला लेंगे।

    गौरतलब है कि एमपी में महिला एवं बाल विकास विभाग के आधिकारिक आकंड़े के अनुसार 80 लाख से ज्यादा बच्चों को मिडडे मिल का लाभ मिलता है। विभाग ने 97,135 आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए ढाई लाख पौष्टिक आहार वितरित करने की योजना बनाई थी। लेकिन फंड की कमी इस योजना में सबसे बड़ी बाधा थी।