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    अर्से बाद एक मंच पर दिखे उमा और शिवराज, जानिए क्या है प्लान

    Sep 15, 2020

    Bhopal. एमपी 27 सीटों पर उपचुनाव है। बीजेपी उपचुनाव से पहले मन भेज दूर कर अपने सभी दिग्गज नेताओं को एक मंच पर ला रही है। ग्वालियर-चंबल से कुछ दिनों के दूर रहे नरोत्तम मिश्रा फिर से मंच पर महाराज और शिवराज की जोड़ी के साथ दिखने लगे हैं। अर्से बाद पहली बार ग्वालियर-चंबल में सार्वजनिक कार्यक्रम में एक मंच पर सीएम शिवराज सिंह चौहान और पूर्व सीएम उमा भारती नजर आई हैं।

    अर्से बाद बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमा भारती ने शिवराज सिंह चौहान के साथ मंच पर आकर सबको चौंका दिया है। इन दोनों नेताओं की नजर भिंड और अशोकनगर जिलों के लोधी वोट पर है। उमा भारती लोधी समाज से ही आती हैं। लोधी वोटरों को प्रभावित करने के लिए दोनों नेता साथ नजर आए हैं। इस दौरान मंच से दोनों ने एक-दूसरे की जम कर प्रशंसा की है। साथ ही भ्रष्टाचार और विकास को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है।

    2018 में साथ नजर आए थे दोनों

    दरअसल, उमा भारती और शिवराज सिंह चौहान 2018 के विधानसभा चुनाव में एक साथ मंच साझा किया था। वो भी बुंदेलखंड में अपने वफादारों के लिए किया था। लंबे समय बाद बीजेपी की फायर ब्रांड नेत्री उमा भारती ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबियों पर कांग्रेस के हमले का जवाब देने के लिए मोर्चा संभाली है। साथ ही मुंगावली और मेहगांव के 27 हजार लोधी वोटरों को लुभाने की कोशिश की है।

    उमा भारती ने मंच से कहा कि यह शिवराज सिंह चौहान ही हैं, जिन्होंने अपनी सादगी और आम लोगों के साथ फ्रेंडली व्यवहार की वजह से मुख्यमंत्री की परिभाषा बदल दी है। उन्होंने कहा कि इस बार सीएम शिवराज अलग भूमिका में उभरेंगे और पूरे देश में राज्य को पहले स्थान पर ले जाएंगे। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी उमा भारती के लिए कसीदे पढ़े। उन्होंने राज्य में बीजेपी की वापसी का श्रेय उमा भारती को दिया है। साथ ही कहा कि कांग्रेस के शासन को उखाड़ने में इन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    इसके बाद उमा भारती ने कांग्रेस नेताओं पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि 2003 तक एमपी की खराब स्थिति के मिस्टर बंटाधार (दिग्विजय सिंह) जिम्मेदार थे। इसके साथ ही वह राज्य में कांग्रेस के पतन के लिए भी जिम्मेदार हैं।

    नाराज थीं उमा भारती

    दरअसल, एमपी में कैबिनेट विस्तार के बाद पूर्व सीएम उमा भारती नाराज थीं। अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को चिट्ठी लिखी थी। इसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उमा भारती से जाकर उनके आवास पर मुलाकात की थी। अपने आवास पर उमा भारती ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की खूब आवभगत की थी। शायद इसके बाद उमा की नाराजगी दूर हो गई थी।