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    नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अत्याधुनिक ‘चलंत कमांड पोस्ट’ का शुभारंभ

    Aug 11, 2020

    Kolkata. आपात स्थितियों को अधिक कुशल और समन्वित तरीके से संभालने की क्षमताओं को बढ़ाने के अपने प्रयासों के रूप में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक अत्याधुनिक चलंत कमांड पोस्ट की सुविधा शुरुआत की है.

    यह एक अनुकूलित, पूरी तरह से सुसज्जित मजबूत वाहन है, जो हवाई अड्डे की आपात स्थिति के लिए एक दृश्य कमान, समन्वय और संचार केंद्र के रूप में सेवा करने के लिए विशेष उपकरणों के साथ तैयार किया गया है, जहां समन्वय एजेंसियों के प्रमुख, प्रतिनिधि जानकारी प्राप्त करने और प्रसारित करने और आपात प्रचालन से जुड़े निर्णय लेने के लिए एकत्र होते हैं. इसमें एक कंपार्टमेंट है, जिसमें स्थल पर उपयोग के लिए या अवैध स्थितियों में, जब कभी बचाव कार्य जरूरत हो, तमाम सुविधाएं उपलब्ध हैं.

    इसमें आठ व्यक्तियों के साथ एसी वातावरण में स्थल पर राउंड टेबल बैठक सम्मेलन किया जा सकता है. प्रोजेक्टर के साथ एक डिजिटल बोर्ड पर प्रस्तुति दी जा सकती है. 4 घंटे के लिए बिजली बैकअप प्रदान करने के लिए जनरेटर है. 500 मीटर स्पष्ट दृश्यता का पीटीजेड कैमरा, जिसे एक किमी तक बढ़ाया जा सकता है और फुटेज को एलईडी मॉनिटर (42 इंच) पर उक्त कम्पार्टमेंट के अंदर देखा जा सकता है.

    अंदर के केबिन के लिए एक डोम कैमरा भी प्रदान किया गया और दो घंटे के बैकअप के लिए यूपीएस भी प्रदान किया गया है. एटीसी फ्रीक्वेंसी की निगरानी और साइट की उचित रोशनी के लिए वीएचएफ सेट के साथ नोमेटिक मास्ट लाइट्स ( 250 वाट प्रत्येक सेट ) के चार सेट वहां मुहैया है. वॉकी टॉकी, ब्लूटूथ कनेक्टिविटी और मेगाफोन क्षेत्र उपलब्ध के साथ कॉर्डलेस माइक के साथ पीए सिस्टम भी उपलब्ध है. रेस्क्यू टीम को सपोर्ट करने के लिए 120 मीटर रेंज के नाइट विजन दूरबीन, 04 फोल्डेबल स्ट्रेचर, 10 साइनबोर्ड और दो टेंट भी उपलब्ध हैं. वाटर डिस्पेंसर और वॉश बेसिन, तीन पोर्टेबल शेल्टर टैंक उपलब्ध कराए गए हैं.

    चलंत कमांड पोस्ट एक ऐसे स्थल के रूप में कार्य करता है, जहां विभिन्न सहयोगी एजेंसियों के संपर्क अधिकारी, बचाव कार्यों की योजना बनाने और समन्वय करने के लिए इकट्ठा होते हैं. इसका उपयोग सभी ग्राउंड सर्विस इक्विपमेंट जैसे, टो ट्रैक्टर, कोच आदि के लिए मचान क्षेत्र स्थापित करने के लिए किया जाता है. बिना किसी घाव/चोट वाले बचे लोगों के लिए एक ‘एकत्र स्थल’ स्थापित करना. इसका उपयोग ‘ट्राइएज क्षेत्र’ में डॉक्टरों द्वारा आवश्यक किसी भी सहायता को सुरक्षित प्रधान करने और अस्पताल में घायल हताहत मामलों को शीघ्र निकालने की व्यवस्था करने के लिए किया जाता है.