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    पति-पत्नी को हर महीने मिलेगी 10,000 रुपये पेंशन, जानिए कैसे करना होगा निवेश

    Jul 31, 2021

    अटल पेंशन योजना साल 2015 में शुरू की गई थी. उस समय ये असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के लिए शुरू की गई थी, लेकिन अब इस 18 से 40 वर्ष का  कोई भी भारतीय नागरिक इस योजना में निवेश कर पेंशन का लाभ उठा सकता है. जिनके पास बैंक या पोस्ट ऑफिस में अकाउंट है वे इसमें आसानी से निवेश कर सकते है. इस योजना में 60 साल के बाद जमाकर्ताओं को पेंशन मिलना शुरू होती है.

    अटल पेंशन स्कीम (Atal Pension Scheme) एक ऐसी सरकारी योजना है जिसमें आपके द्वारा किए गए निवेश आपकी उम्र पर निर्भर करती है. इस योजना के तहत आपको कम से कम 1,000 रुपये, 2000 रुपये, 3000 रुपये, 4000 रुपये और अधिकतम 5,000 रुपये मासिक पेंशन मिल सकती है. ये एक सुरक्षित निवेश है जिसमें अगर आप रजिस्ट्रेशन कराना चाहते हैं तो आपके पास सेविंग्स अकाउंट, आधार नंबर और एक मोबाइल नंबर होना चाहिए.

    इस योजना के तहत 18 से 40 साल के लोग अटल पेंशन योजना में अपना नॉमिनेशन करा सकते हैं. इसके लिए आवेदक के पास बैंक या डाकघर में सेविंग अकाउंट होना जरूरी है. साथ ही ये भी ध्यान रखें कि आप केवल के पास केवल एक अटल पेंशन अकाउंट हो सकता है. इस योजना के तहत आप जितनी जल्दी निवेश करेंगे आपको उतना अधिक फायदा मिलेगा. अगर कोई व्यक्ति 18 साल की उम्र में अटल पेंशन योजना से जुड़ता है तो उसे 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 5000 रुपये मासिक पेंशन के लिए बस प्रति माह 210 रुपये जमा करने होंगे. इस तरह से ये योजना अच्छी प्रॉफिट वाली योजना है.

    39 साल से कम उम्र के पति-पत्नी अलग-अलग इस स्कीम का फायदा उठा सकते हैं, जिससे उन्हें 60 साल की उम्र के बाद संयुक्त रूप से हर महीने 10,000 रुपये की पेंशन मिलेगी. अगर पति और पत्नी जिनकी उम्र 30 साल या इससे कम है, अपने अपने APY अकाउंट में हर महीने 577 रुपये का योगदान कर सकते हैं. अगर पति-पत्नी की उम्र 35 साल है तो उन्हें हर महीने 902 रुपये अपने अपने APY अकाउंट में डालने होंगे. गारंटीड मंथली पेंशन के अलावा, अगर पति या पत्नी में से किसी एक की मृत्यु हो जाती है तो जीवित पार्टनर को 8.5 लाख रुपये मिलेंगे साथ ही हर महीने उसे पूरी उम्र पेंशन भी मिलती रहेगी.

    अटल पेंशन योजना में निवेश करने वाले लोगों को इनकम टैक्स एक्ट 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स बेनिफिट भी मिलता है. इसमें से टैक्सेबल इनकम को घटा दिया जाता है. इसके अलावा कुछ मामलों में 50,000 रुपये तक का अतिरिक्त टैक्स बेनिफिट मिलता है. कुल मिला कर इस योजना में 2 लाख रुपये तक का डिडक्शन मिलता है.